अध्याय 1, श्लोक 59
अध्याय 1: Madhu-Kaiṭabha Vadha — मधुकैटभवधविष्णुकर्णमलोद्भूतौ हन्तुं ब्रह्माणमुद्यतौ । स नाभिकमले विष्णोः स्थितो ब्रह्मा प्रजापतिः ॥
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लिप्यंतरण
viṣṇukarṇamalodbhūtau hantuṃ brahmāṇamudyatau sa nābhikamale viṣṇoḥ sthito brahmā prajāpatiḥ
अर्थ
विष्णु के कान के मैल से उत्पन्न होकर ब्रह्मा को मारने को उद्यत हुए। विष्णु की नाभि-कमल पर स्थित प्रजापति ब्रह्मा,
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
दुर्गा सप्तशती 1.59 का अर्थ क्या है?▼
विष्णु के कान के मैल से उत्पन्न होकर ब्रह्मा को मारने को उद्यत हुए। विष्णु की नाभि-कमल पर स्थित प्रजापति ब्रह्मा,
यह श्लोक दुर्गा सप्तशती के किस अध्याय का है?▼
यह श्री दुर्गा सप्तशती (देवी माहात्म्य) के अध्याय 1 (Madhu-Kaiṭabha Vadha — मधु-कैटभ वध) का 59वाँ श्लोक है।