अध्याय 1, श्लोक 52
अध्याय 1: Madhu-Kaiṭabha Vadha — मधुकैटभवधराजोवाच भगवन् का हि सा देवी महामायेति यां भवान् ॥
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लिप्यंतरण
rājovāca bhagavan kā hi sā devī mahāmāyeti yāṃ bhavān
अर्थ
राजा बोले — हे भगवन्! वह देवी कौन हैं जिन्हें आप महामाया कहते हैं?
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
दुर्गा सप्तशती 1.52 का अर्थ क्या है?▼
राजा बोले — हे भगवन्! वह देवी कौन हैं जिन्हें आप महामाया कहते हैं?
यह श्लोक दुर्गा सप्तशती के किस अध्याय का है?▼
यह श्री दुर्गा सप्तशती (देवी माहात्म्य) के अध्याय 1 (Madhu-Kaiṭabha Vadha — मधु-कैटभ वध) का 52वाँ श्लोक है।