अध्याय 1, श्लोक 39
अध्याय 1: Madhu-Kaiṭabha Vadha — मधुकैटभवधममास्य च भवत्येषा विवेकान्धस्य मूढता ॥
🔊 किसी भी शब्द को सुनने के लिए टैप करें — या पूरा श्लोक सुनने के लिए ▶ दबाएँ
लिप्यंतरण
mamāsya ca bhavatyeṣā vivekāndhasya mūḍhatā
अर्थ
यह मूढ़ता मुझमें और इसमें — दोनों विवेकहीनों में — होती है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
दुर्गा सप्तशती 1.39 का अर्थ क्या है?▼
यह मूढ़ता मुझमें और इसमें — दोनों विवेकहीनों में — होती है।
यह श्लोक दुर्गा सप्तशती के किस अध्याय का है?▼
यह श्री दुर्गा सप्तशती (देवी माहात्म्य) के अध्याय 1 (Madhu-Kaiṭabha Vadha — मधु-कैटभ वध) का 39वाँ श्लोक है।