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दुर्गा सप्तशती 1.39

अध्याय 1, श्लोक 39

अध्याय 1: Madhu-Kaiṭabha Vadhaमधुकैटभवध

ममास्य भवत्येषा विवेकान्धस्य मूढता

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लिप्यंतरण

mamāsya ca bhavatyeṣā vivekāndhasya mūḍhatā

अर्थ

यह मूढ़ता मुझमें और इसमें — दोनों विवेकहीनों में — होती है।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दुर्गा सप्तशती 1.39 का अर्थ क्या है?
यह मूढ़ता मुझमें और इसमें — दोनों विवेकहीनों में — होती है।
यह श्लोक दुर्गा सप्तशती के किस अध्याय का है?
यह श्री दुर्गा सप्तशती (देवी माहात्म्य) के अध्याय 1 (Madhu-Kaiṭabha Vadha — मधु-कैटभ वध) का 39वाँ श्लोक है।