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दुर्गा सप्तशती 1.34

अध्याय 1, श्लोक 34

अध्याय 1: Madhu-Kaiṭabha Vadhaमधुकैटभवध

राजोवाच भगवंस्त्वामहं प्रष्टुमिच्छाम्येकं वदस्व तत्

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लिप्यंतरण

rājovāca bhagavaṃstvāmahaṃ praṣṭumicchāmyekaṃ vadasva tat

अर्थ

राजा बोले — हे भगवन्! मैं आपसे एक बात पूछना चाहता हूँ, कृपया वह बताइए।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दुर्गा सप्तशती 1.34 का अर्थ क्या है?
राजा बोले — हे भगवन्! मैं आपसे एक बात पूछना चाहता हूँ, कृपया वह बताइए।
यह श्लोक दुर्गा सप्तशती के किस अध्याय का है?
यह श्री दुर्गा सप्तशती (देवी माहात्म्य) के अध्याय 1 (Madhu-Kaiṭabha Vadha — मधु-कैटभ वध) का 34वाँ श्लोक है।