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दुर्गा सप्तशती 1.33

अध्याय 1, श्लोक 33

अध्याय 1: Madhu-Kaiṭabha Vadhaमधुकैटभवध

उपविष्टौ कथाः काश्चिच्चक्रतुर्वैश्यपार्थिवौ

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लिप्यंतरण

upaviṣṭau kathāḥ kāściccakraturvaiśyapārthivau

अर्थ

बैठ गए; और वैश्य तथा राजा ने आपस में कुछ बातें कीं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दुर्गा सप्तशती 1.33 का अर्थ क्या है?
बैठ गए; और वैश्य तथा राजा ने आपस में कुछ बातें कीं।
यह श्लोक दुर्गा सप्तशती के किस अध्याय का है?
यह श्री दुर्गा सप्तशती (देवी माहात्म्य) के अध्याय 1 (Madhu-Kaiṭabha Vadha — मधु-कैटभ वध) का 33वाँ श्लोक है।