अध्याय 1, श्लोक 26
अध्याय 1: Madhu-Kaiṭabha Vadha — मधुकैटभवधवैश्य उवाच एवमेतद्यथा प्राह भवानस्मद्गतं वचः ॥
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लिप्यंतरण
vaiśya uvāca evametadyathā prāha bhavānasmadgataṃ vacaḥ
अर्थ
वैश्य बोला — जैसा आपने कहा, ठीक वैसा ही है; आपके ये वचन मुझ पर ही लागू होते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
दुर्गा सप्तशती 1.26 का अर्थ क्या है?▼
वैश्य बोला — जैसा आपने कहा, ठीक वैसा ही है; आपके ये वचन मुझ पर ही लागू होते हैं।
यह श्लोक दुर्गा सप्तशती के किस अध्याय का है?▼
यह श्री दुर्गा सप्तशती (देवी माहात्म्य) के अध्याय 1 (Madhu-Kaiṭabha Vadha — मधु-कैटभ वध) का 26वाँ श्लोक है।