अध्याय 9, श्लोक 6
अध्याय 9: Niśumbha Vadha — निशुम्भवधआजगाम महावीर्यः शुम्भोऽपि स्वबलैर्वृतः । निहन्तुं चण्डिकां कोपात्कृत्वा युद्धं तु मातृभिः ॥
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लिप्यंतरण
ājagāma mahāvīryaḥ śumbho'pi svabalairvṛtaḥ nihantuṃ caṇḍikāṃ kopātkṛtvā yuddhaṃ tu mātṛbhiḥ
अर्थ
महावीर्यवान् शुम्भ भी अपनी सेनाओं से घिरा हुआ, मातृकाओं से युद्ध करके, क्रोध से चण्डिका को मारने आ पहुँचा।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
दुर्गा सप्तशती 9.6 का अर्थ क्या है?▼
महावीर्यवान् शुम्भ भी अपनी सेनाओं से घिरा हुआ, मातृकाओं से युद्ध करके, क्रोध से चण्डिका को मारने आ पहुँचा।
यह श्लोक दुर्गा सप्तशती के किस अध्याय का है?▼
यह श्री दुर्गा सप्तशती (देवी माहात्म्य) के अध्याय 9 (Niśumbha Vadha — निशुम्भ वध) का 6वाँ श्लोक है।