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दुर्गा सप्तशती 9.1

अध्याय 9, श्लोक 1

अध्याय 9: Niśumbha Vadhaनिशुम्भवध

राजोवाच विचित्रमिदमाख्यातं भगवन् भवता मम देव्याश्चरितमाहात्म्यं रक्तबीजवधाश्रितम्

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लिप्यंतरण

oṃ rājovāca vicitramidamākhyātaṃ bhagavan bhavatā mama devyāścaritamāhātmyaṃ raktabījavadhāśritam

अर्थ

(ॐ। राजा बोले —) 'हे भगवन्! आपने मुझे जो रक्तबीज-वध से सम्बद्ध देवी के चरित्र की महिमा सुनाई है, वह अद्भुत है।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दुर्गा सप्तशती 9.1 का अर्थ क्या है?
(ॐ। राजा बोले —) 'हे भगवन्! आपने मुझे जो रक्तबीज-वध से सम्बद्ध देवी के चरित्र की महिमा सुनाई है, वह अद्भुत है।
यह श्लोक दुर्गा सप्तशती के किस अध्याय का है?
यह श्री दुर्गा सप्तशती (देवी माहात्म्य) के अध्याय 9 (Niśumbha Vadha — निशुम्भ वध) का 1वाँ श्लोक है।