अध्याय 9, श्लोक 1
अध्याय 9: Niśumbha Vadha — निशुम्भवधॐ राजोवाच विचित्रमिदमाख्यातं भगवन् भवता मम । देव्याश्चरितमाहात्म्यं रक्तबीजवधाश्रितम् ॥
🔊 किसी भी शब्द को सुनने के लिए टैप करें — या पूरा श्लोक सुनने के लिए ▶ दबाएँ
लिप्यंतरण
oṃ rājovāca vicitramidamākhyātaṃ bhagavan bhavatā mama devyāścaritamāhātmyaṃ raktabījavadhāśritam
अर्थ
(ॐ। राजा बोले —) 'हे भगवन्! आपने मुझे जो रक्तबीज-वध से सम्बद्ध देवी के चरित्र की महिमा सुनाई है, वह अद्भुत है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
दुर्गा सप्तशती 9.1 का अर्थ क्या है?▼
(ॐ। राजा बोले —) 'हे भगवन्! आपने मुझे जो रक्तबीज-वध से सम्बद्ध देवी के चरित्र की महिमा सुनाई है, वह अद्भुत है।
यह श्लोक दुर्गा सप्तशती के किस अध्याय का है?▼
यह श्री दुर्गा सप्तशती (देवी माहात्म्य) के अध्याय 9 (Niśumbha Vadha — निशुम्भ वध) का 1वाँ श्लोक है।