अध्याय 8, श्लोक 15
अध्याय 8: Raktabīja Vadha — रक्तबीजवधमाहेश्वरी वृषारूढा त्रिशूलवरधारिणी । महाहिवलया प्राप्ता चन्द्ररेखाविभूषणा ॥
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लिप्यंतरण
māheśvarī vṛṣārūḍhā triśūlavaradhāriṇī mahāhivalayā prāptā candrarekhāvibhūṣaṇā
अर्थ
माहेश्वरी बैल पर सवार, श्रेष्ठ त्रिशूल धारण किए, महासर्पों के कंगन पहने और चन्द्ररेखा से विभूषित होकर आईं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
दुर्गा सप्तशती 8.15 का अर्थ क्या है?▼
माहेश्वरी बैल पर सवार, श्रेष्ठ त्रिशूल धारण किए, महासर्पों के कंगन पहने और चन्द्ररेखा से विभूषित होकर आईं।
यह श्लोक दुर्गा सप्तशती के किस अध्याय का है?▼
यह श्री दुर्गा सप्तशती (देवी माहात्म्य) के अध्याय 8 (Raktabīja Vadha — रक्तबीज वध) का 15वाँ श्लोक है।