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दुर्गा सप्तशती 4.23

अध्याय 4, श्लोक 23

अध्याय 4: Śakrādi Stutiशक्रादिस्तुति

शूलेन पाहि नो देवि पाहि खड्गेन चाम्बिके घण्टास्वनेन नः पाहि चापज्यानिःस्वनेन

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लिप्यंतरण

śūlena pāhi no devi pāhi khaḍgena cāmbike ghaṇṭāsvanena naḥ pāhi cāpajyāniḥsvanena ca

अर्थ

हे देवी! अपने शूल से हमारी रक्षा कीजिए; हे अम्बिके! खड्ग से रक्षा कीजिए; अपनी घण्टा के नाद से और धनुष की प्रत्यंचा के नाद से हमारी रक्षा कीजिए।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दुर्गा सप्तशती 4.23 का अर्थ क्या है?
हे देवी! अपने शूल से हमारी रक्षा कीजिए; हे अम्बिके! खड्ग से रक्षा कीजिए; अपनी घण्टा के नाद से और धनुष की प्रत्यंचा के नाद से हमारी रक्षा कीजिए।
यह श्लोक दुर्गा सप्तशती के किस अध्याय का है?
यह श्री दुर्गा सप्तशती (देवी माहात्म्य) के अध्याय 4 (Śakrādi Stuti — शक्रादि स्तुति) का 23वाँ श्लोक है।