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दुर्गा सप्तशती 3.10

अध्याय 3, श्लोक 10

अध्याय 3: Mahiṣāsura Vadhaमहिषासुरवध

हते तस्मिन्महावीर्ये महिषस्य चमूपतौ आजगाम गजारूढश्चामरस्त्रिदशार्दनः

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लिप्यंतरण

hate tasminmahāvīrye mahiṣasya camūpatau ājagāma gajārūḍhaścāmarastridaśārdanaḥ

अर्थ

महिष का वह महापराक्रमी सेनापति मारा जाने पर देवद्रोही चामर हाथी पर सवार होकर आया।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दुर्गा सप्तशती 3.10 का अर्थ क्या है?
महिष का वह महापराक्रमी सेनापति मारा जाने पर देवद्रोही चामर हाथी पर सवार होकर आया।
यह श्लोक दुर्गा सप्तशती के किस अध्याय का है?
यह श्री दुर्गा सप्तशती (देवी माहात्म्य) के अध्याय 3 (Mahiṣāsura Vadha — महिषासुर वध) का 10वाँ श्लोक है।