अध्याय 2, श्लोक 46
अध्याय 2: Mahiṣāsura-Sainya Vadha — महिषासुरसैन्यवधहयानां च वृतो युद्धे तत्राभून्महिषासुरः । तोमरैर्भिन्दिपालैश्च शक्तिभिर्मुसलैस्तथा ॥
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लिप्यंतरण
hayānāṃ ca vṛto yuddhe tatrābhūnmahiṣāsuraḥ tomarairbhindipālaiśca śaktibhirmusalaistathā
अर्थ
तथा घोड़ों से घिरा हुआ महिषासुर वहाँ युद्ध में था। तोमरों, भिन्दिपालों, शक्तियों और मूसलों से,
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
दुर्गा सप्तशती 2.46 का अर्थ क्या है?▼
तथा घोड़ों से घिरा हुआ महिषासुर वहाँ युद्ध में था। तोमरों, भिन्दिपालों, शक्तियों और मूसलों से,
यह श्लोक दुर्गा सप्तशती के किस अध्याय का है?▼
यह श्री दुर्गा सप्तशती (देवी माहात्म्य) के अध्याय 2 (Mahiṣāsura-Sainya Vadha — महिषासुर की सेना का वध) का 46वाँ श्लोक है।