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दुर्गा सप्तशती 1.23

अध्याय 1, श्लोक 23

अध्याय 1: Madhu-Kaiṭabha Vadhaमधुकैटभवध

कथं ते किं नु सद्वृत्ता दुर्वृत्ताः किं नु मे सुताः

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लिप्यंतरण

kathaṃ te kiṃ nu sadvṛttā durvṛttāḥ kiṃ nu me sutāḥ

अर्थ

वे कैसे हैं? मेरे पुत्र सदाचारी हैं या दुराचारी?

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दुर्गा सप्तशती 1.23 का अर्थ क्या है?
वे कैसे हैं? मेरे पुत्र सदाचारी हैं या दुराचारी?
यह श्लोक दुर्गा सप्तशती के किस अध्याय का है?
यह श्री दुर्गा सप्तशती (देवी माहात्म्य) के अध्याय 1 (Madhu-Kaiṭabha Vadha — मधु-कैटभ वध) का 23वाँ श्लोक है।