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दुर्गा सप्तशती 1.1

अध्याय 1, श्लोक 1

अध्याय 1: Madhu-Kaiṭabha Vadhaमधुकैटभवध

ऐं मार्कण्डेय उवाच सावर्णिः सूर्यतनयो यो मनुः कथ्यतेऽष्टमः निशामय तदुत्पत्तिं विस्तराद्गदतो मम

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लिप्यंतरण

oṃ aiṃ mārkaṇḍeya uvāca sāvarṇiḥ sūryatanayo yo manuḥ kathyate'ṣṭamaḥ niśāmaya tadutpattiṃ vistarādgadato mama

अर्थ

मार्कण्डेय बोले — सूर्यपुत्र सावर्णि, जो आठवें मनु कहे जाते हैं, उनकी उत्पत्ति की कथा मुझसे विस्तार से सुनो —

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दुर्गा सप्तशती 1.1 का अर्थ क्या है?
मार्कण्डेय बोले — सूर्यपुत्र सावर्णि, जो आठवें मनु कहे जाते हैं, उनकी उत्पत्ति की कथा मुझसे विस्तार से सुनो —
यह श्लोक दुर्गा सप्तशती के किस अध्याय का है?
यह श्री दुर्गा सप्तशती (देवी माहात्म्य) के अध्याय 1 (Madhu-Kaiṭabha Vadha — मधु-कैटभ वध) का 1वाँ श्लोक है।