पंचांग
शनिवार, 22 सितंबर 2029
इस दिन का हिंदू पंचांग — तिथि, नक्षत्र, योग, करण और शुभ-अशुभ मुहूर्त
नई दिल्ली, India · IST
पंचांग (पाँच अंग)
- वारशनिवारSaturday
- तिथिशुक्ल पूर्णिमाShukla Purnima · तक 9:59 PM, Sep 22
- नक्षत्रपूर्वा भाद्रपदाPurva Bhadrapada · तक 5:20 PM, Sep 22
- योगगण्डGanda · तक 1:35 AM, Sep 23
- करणविष्टि (भद्रा)Vishti · तक 9:06 AM, Sep 22
मास, पक्ष व राशि
- पक्षशुक्लShukla
- मासआश्विनAshwina
- ऋतुशरदSharad
- चंद्र राशिकुम्भKumbha (Aquarius)
शुभ व अशुभ मुहूर्त
चौघड़िया मुहूर्त
दिन का चौघड़िया
- कालअशुभ6:10 AM – 7:41 AM
- शुभशुभ7:41 AM – 9:13 AM
- रोगअशुभ9:13 AM – 10:44 AM
- उद्वेगअशुभ10:44 AM – 12:15 PM
- चरसामान्य12:15 PM – 1:46 PM
- लाभशुभ1:46 PM – 3:17 PM
- अमृतशुभ3:17 PM – 4:48 PM
- कालअशुभ4:48 PM – 6:19 PM
रात का चौघड़िया
- लाभशुभ6:19 PM – 7:48 PM
- उद्वेगअशुभ7:48 PM – 9:17 PM
- शुभशुभ9:17 PM – 10:46 PM
- अमृतशुभ10:46 PM – 12:15 AM
- चरसामान्य12:15 AM – 1:44 AM
- रोगअशुभ1:44 AM – 3:13 AM
- कालअशुभ3:13 AM – 4:42 AM
- लाभशुभ4:42 AM – 6:11 AM
पंचांग को समझें
तिथि — चंद्रमा और सूर्य के बीच के कोण पर आधारित चंद्र दिवस। एक चंद्र मास में 30 तिथियाँ होती हैं।
वार — सप्ताह का दिन, जो उस दिन के स्वामी ग्रह से जुड़ा होता है।
नक्षत्र — आकाश के 27 भागों में से वह भाग जिसमें चंद्रमा स्थित है।
योग — सूर्य और चंद्रमा की संयुक्त गति पर आधारित 27 योगों में से एक।
करण — तिथि का आधा भाग; एक तिथि में दो करण होते हैं।
सामान्य प्रश्न
पंचांग क्या है?
पंचांग हिंदू कालगणना का दैनिक खाता है जिसमें पाँच अंग होते हैं — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। इन्हीं के आधार पर शुभ मुहूर्त, व्रत और त्योहार निर्धारित होते हैं।
राहु काल क्या है और क्यों टालें?
राहु काल दिन का एक अशुभ माना जाने वाला समय है (सूर्योदय से सूर्यास्त तक के आठ भागों में से एक)। इस अवधि में नया शुभ कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।
अभिजीत मुहूर्त क्या है?
अभिजीत मुहूर्त दिन का सबसे शुभ समय है, जो स्थानीय मध्याह्न (दोपहर) के आसपास होता है। नया कार्य आरंभ करने के लिए यह अत्यंत शुभ माना जाता है।
चौघड़िया क्या है?
चौघड़िया मुहूर्त का एक सरल प्रकार है जिसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। अमृत, शुभ और लाभ चौघड़िया शुभ कार्यों के लिए श्रेष्ठ हैं; चर सामान्य (यात्रा हेतु अच्छा); तथा रोग, काल और उद्वेग अशुभ माने जाते हैं।
यह पंचांग किस स्थान का है?
यह पंचांग नई दिल्ली, India के सूर्योदय और स्थानीय समय (IST) पर आधारित है। तिथि व नक्षत्र प्रायः सभी जगह लगभग समान रहते हैं, जबकि सूर्योदय व मुहूर्त समय स्थान अनुसार बदलते हैं।