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पंचांग

शुक्रवार, 26 नवंबर 2021

इस दिन का हिंदू पंचांग — तिथि, नक्षत्र, योग, करण और शुभ-अशुभ मुहूर्त

नई दिल्ली, India · IST

पंचांग (पाँच अंग)

  • वारशुक्रवारFriday
  • तिथिकृष्ण सप्तमीKrishna Saptami · तक 5:43 AM, Nov 27
  • नक्षत्रआश्लेषाAshlesha · तक 8:36 PM, Nov 26
  • योगब्रह्मBrahma · तक 7:59 AM, Nov 26
  • करणविष्टि (भद्रा)Vishti · तक 5:17 PM, Nov 26

मास, पक्ष व राशि

  • पक्षकृष्णKrishna
  • मासमार्गशीर्षMargashirsha
  • ऋतुहेमन्तHemanta
  • चंद्र राशिकर्कKarka (Cancer)
🌅
सूर्योदय
6:53 AM
🌇
सूर्यास्त
5:25 PM

शुभ व अशुभ मुहूर्त

अभिजीत मुहूर्तशुभ
11:48 AM12:30 PM
राहु कालअशुभ — टालें
10:50 AM12:09 PM
गुलिक कालअशुभ — टालें
8:12 AM9:31 AM
यमगण्डअशुभ — टालें
2:47 PM4:06 PM

चौघड़िया मुहूर्त

शुभसामान्यअशुभ

दिन का चौघड़िया

  • चरसामान्य6:53 AM8:12 AM
  • लाभशुभ8:12 AM9:31 AM
  • अमृतशुभ9:31 AM10:50 AM
  • कालअशुभ10:50 AM12:09 PM
  • शुभशुभ12:09 PM1:28 PM
  • रोगअशुभ1:28 PM2:47 PM
  • उद्वेगअशुभ2:47 PM4:06 PM
  • चरसामान्य4:06 PM5:25 PM

रात का चौघड़िया

  • रोगअशुभ5:25 PM7:07 PM
  • कालअशुभ7:07 PM8:48 PM
  • लाभशुभ8:48 PM10:29 PM
  • उद्वेगअशुभ10:29 PM12:10 AM
  • शुभशुभ12:10 AM1:51 AM
  • अमृतशुभ1:51 AM3:32 AM
  • चरसामान्य3:32 AM5:13 AM
  • रोगअशुभ5:13 AM6:54 AM

पंचांग को समझें

तिथिचंद्रमा और सूर्य के बीच के कोण पर आधारित चंद्र दिवस। एक चंद्र मास में 30 तिथियाँ होती हैं।

वारसप्ताह का दिन, जो उस दिन के स्वामी ग्रह से जुड़ा होता है।

नक्षत्रआकाश के 27 भागों में से वह भाग जिसमें चंद्रमा स्थित है।

योगसूर्य और चंद्रमा की संयुक्त गति पर आधारित 27 योगों में से एक।

करणतिथि का आधा भाग; एक तिथि में दो करण होते हैं।

सामान्य प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कालगणना का दैनिक खाता है जिसमें पाँच अंग होते हैं — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। इन्हीं के आधार पर शुभ मुहूर्त, व्रत और त्योहार निर्धारित होते हैं।

राहु काल क्या है और क्यों टालें?

राहु काल दिन का एक अशुभ माना जाने वाला समय है (सूर्योदय से सूर्यास्त तक के आठ भागों में से एक)। इस अवधि में नया शुभ कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।

अभिजीत मुहूर्त क्या है?

अभिजीत मुहूर्त दिन का सबसे शुभ समय है, जो स्थानीय मध्याह्न (दोपहर) के आसपास होता है। नया कार्य आरंभ करने के लिए यह अत्यंत शुभ माना जाता है।

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया मुहूर्त का एक सरल प्रकार है जिसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। अमृत, शुभ और लाभ चौघड़िया शुभ कार्यों के लिए श्रेष्ठ हैं; चर सामान्य (यात्रा हेतु अच्छा); तथा रोग, काल और उद्वेग अशुभ माने जाते हैं।

यह पंचांग किस स्थान का है?

यह पंचांग नई दिल्ली, India के सूर्योदय और स्थानीय समय (IST) पर आधारित है। तिथि व नक्षत्र प्रायः सभी जगह लगभग समान रहते हैं, जबकि सूर्योदय व मुहूर्त समय स्थान अनुसार बदलते हैं।

अन्य शहरों का पंचांग

और देखें: त्योहार · व्रत · राशिफल · नक्षत्र