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सर्व मंगल मांगल्ये PDF

सर्व मंगल मांगल्ये की पूरी लिरिक्स — संस्कृत, रोमन व अर्थ सहित। एक क्लिक में PDF सेव करें या प्रिंट करें।

सर्वमङ्गलमाङ्गल्ये शिवे सर्वार्थसाधिके। शरण्ये त्र्यम्बके गौरि नारायणि नमोऽस्तु ते॥

Sarva Mangala Mangalye Shive Sarvartha Sadhike Sharanye Tryambake Gauri Narayani Namostu Te

हे नारायणि! आप समस्त मंगलों की मंगल हैं, कल्याणमयी, सब प्रयोजनों को सिद्ध करने वाली, शरण देने वाली, त्रिनेत्रा गौरी हैं — आपको नमस्कार।

सृष्टिस्थितिविनाशानां शक्तिभूते सनातनि। गुणाश्रये गुणमये नारायणि नमोऽस्तु ते॥

Srishti Sthiti Vinashanam Shaktibhute Sanatani Gunashraye Gunamaye Narayani Namostu Te

हे नारायणि! आप सृष्टि, स्थिति और संहार की शक्तिस्वरूपा, सनातनी, गुणों की आश्रया एवं गुणमयी हैं — आपको नमस्कार।