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महामृत्युंजय मंत्र PDF

महामृत्युंजय मंत्र की पूरी लिरिक्स — संस्कृत, रोमन व अर्थ सहित। एक क्लिक में PDF सेव करें या प्रिंट करें।

ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मा ऽमृतात् ॥

Om Tryambakam Yajamahe Sugandhim Pushtivardhanam Urvarukamiva Bandhanan Mrityormukshiya Maamritat

हम तीन नेत्रों वाले (शिव) की पूजा करते हैं जो दिव्य सुगंध वाले हैं और सभी प्राणियों का पोषण और शक्ति बढ़ाते हैं। जैसे पका हुआ खीरा अपनी बेल से स्वाभाविक रूप से अलग हो जाता है — वैसे ही हमें मृत्यु के बंधन से मुक्त करें, अमरत्व से नहीं।