भक्ति के मंत्र
Heart-opening mantras for deep devotion and spiritual surrender.
अच्युतम् केशवम्
अच्युतम् केशवम् रामनारायणम्
पढ़ें और जपें →बजरंग बाण
निश्चय प्रेम प्रतीति ते, बिनय करैं सनमान।
पढ़ें और जपें →दारिद्र्य दहन शिव स्तोत्रम्
विश्वेश्वराय नरकार्णवतारणाय
पढ़ें और जपें →दुर्गा आरती — जय अम्बे गौरी
जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी।
पढ़ें और जपें →दुर्गा चालीसा
नमो नमो दुर्गे सुख करनी।
पढ़ें और जपें →सुखकर्ता दुखहर्ता — गणेश आरती
सुखकर्ता दुखहर्ता वार्ता विघ्नाची।
पढ़ें और जपें →हनुमान आरती
आरती कीजै हनुमान लला की।
पढ़ें और जपें →हनुमान चालीसा
श्रीगुरु चरन सरोज रज, निज मनु मुकुरु सुधारि।
पढ़ें और जपें →कर्पूरगौरं करुणावतारम्
कर्पूरगौरं करुणावतारं
पढ़ें और जपें →आरती कुंजबिहारी की
आरती कुंजबिहारी की।
पढ़ें और जपें →कृष्ण चालीसा
जय श्री कृष्ण मुकुन्द मुरारी।
पढ़ें और जपें →ॐ जय लक्ष्मी माता आरती
ॐ जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता।
पढ़ें और जपें →लक्ष्मी चालीसा
जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता।
पढ़ें और जपें →लिंगाष्टकम्
ब्रह्ममुरारिसुरार्चितलिङ्गं
पढ़ें और जपें →महालक्ष्मी अष्टकम्
नमस्तेऽस्तु महामाये श्रीपीठे सुरपूजिते।
पढ़ें और जपें →महिषासुर मर्दिनी स्तोत्रम्
अयि गिरिनन्दिनि नन्दितमेदिनि विश्वविनोदिनि नन्दनुते
पढ़ें और जपें →नारायण सूक्तम्
ॐ सहस्रशीर्षं देवं विश्वाक्षं विश्वशम्भुवम्।
पढ़ें और जपें →ॐ जय जगदीश हरे आरती
ॐ जय जगदीश हरे, स्वामी जय जगदीश हरे।
पढ़ें और जपें →ॐ मणि पद्मे हूं
ॐ मणि पद्मे हूं
पढ़ें और जपें →श्री रामचन्द्र कृपालु भजमन
श्री रामचन्द्र कृपालु भजमन
पढ़ें और जपें →शिव रुद्राष्टकम्
नमामीशमीशान निर्वाणरूपं
पढ़ें और जपें →आरती साईं बाबा
आरती साईं बाबा, सौख्यदातारा जीवा।
पढ़ें और जपें →संकट मोचन हनुमानाष्टक
बालपना सों हनुमंत अति खेलें।
पढ़ें और जपें →संतोषी माता आरती
जय संतोषी माता जय संतोषी माता।
पढ़ें और जपें →संतोषी माता चालीसा
जय संतोषी माता जय संतोषी माता।
पढ़ें और जपें →सरस्वती आरती — ॐ जय सरस्वती माता
ॐ जय सरस्वती माता, जय जय सरस्वती माता।
पढ़ें और जपें →सरस्वती चालीसा
जय जय सरस्वती भगवती, भय हरनी।
पढ़ें और जपें →शिव चालीसा
॥ दोहा ॥
पढ़ें और जपें →शिव तांडव स्तोत्रम्
जटाटवीगलज्जलप्रवाहपावितस्थले
पढ़ें और जपें →सिद्ध कुञ्जिका स्तोत्रम्
ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे।
पढ़ें और जपें →विष्णु चालीसा
जय जगदीश हरे प्रभु जय जगदीश हरे।
पढ़ें और जपें →विष्णु सहस्रनाम
शुक्लाम्बरधरं विष्णुं शशिवर्णं चतुर्भुजम्।
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